CPR कैसे दें: बड़ों, बच्चों और शिशु के लिए स्टेप बाय स्टेप गाइड
अंतिम समीक्षा: 4 नवंबर 2026 · 10 स्रोत (अंत में दिए गए हैं)। यह जानकारी केवल शिक्षा के लिए है। Jaan Bachayega India सीरीज़ का हिस्सा।
छोटा जवाब: अगर कोई गिर जाए, जवाब न दे और ठीक से साँस न ले रहा हो (या सिर्फ़ हाँफ़ रहा हो), तो 108 या 112 पर कॉल करें और फ़ोन speaker पर रखें। उसे फ़र्श पर पीठ के बल लिटाएँ। हथेली का निचला हिस्सा छाती के बीच में रखें, दूसरा हाथ ऊपर, और ज़ोर से और तेज़ दबाएँ: 5 से 6 cm गहरा, एक मिनट में 100 से 120 बार। अगर आपको मुँह से साँस देने की ट्रेनिंग नहीं है, तो बस दबाते रहें। तब तक न रुकें जब तक मदद न आ जाए, defibrillator रुकने को न कहे, या व्यक्ति ठीक से साँस न लेने लगे।
किसी के गिरने पर आमतौर पर क्या होता है: लोग भीड़ लगा लेते हैं, चेहरे पर पानी छिड़कते हैं, नब्ज़ टटोलते हैं, या बस ambulance का इंतज़ार करते हैं। इनमें से कुछ भी खून को चलता नहीं रखता। CPR रखता है। शुरू करने के लिए न डिग्री चाहिए न कोई सामान, बस आपके दो हाथ।
CPR की ज़रूरत कब होती है?
2025 की American Heart Association guidelines आम लोगों के लिए एक सीधा नियम देती हैं: अगर कोई बड़ा व्यक्ति जवाब नहीं दे रहा और साँस नहीं ले रहा या असामान्य साँस ले रहा है, जैसे सिर्फ़ हाँफ़ना, तो मान लें कि उसका दिल रुक गया है (cardiac arrest) और CPR शुरू करें।
- हाँफ़ना साँस लेना नहीं है। दिल रुकने के बाद पहले कुछ मिनट धीमी, आवाज़ वाली हाँफ़ या खर्राटे जैसी आवाज़ आ सकती है। इसे सामान्य साँस न मानें।
- नब्ज़ चेक न करें। Guidelines कहती हैं कि आम लोग जवाब और साँस देखकर फ़ैसला करें, नब्ज़ से नहीं। नब्ज़ टटोलने में समय बर्बाद होता है और ग़लती आसानी से होती है।
- अगर व्यक्ति ठीक से साँस ले रहा है पर होश में नहीं है, तो CPR की ज़रूरत नहीं। उसे recovery position में रखें और साँस पर नज़र रखें, जैसा हमारी बेहोशी की फ़र्स्ट एड गाइड में बताया है।
- अगर व्यक्ति होश में है और सीने में दर्द है, तो यह heart attack हो सकता है, cardiac arrest नहीं। हमारी heart attack फ़र्स्ट एड गाइड देखें। CPR तभी शुरू करें जब वह गिर जाए और ठीक से साँस लेना बंद कर दे।
बड़ों को CPR कैसे दें: स्टेप बाय स्टेप
8 स्टेप में CPR
- देखें कि पास जाना सुरक्षित है: ट्रैफ़िक, बिजली, आग।
- जवाब चेक करें: कंधे थपथपाएँ और ज़ोर से पूछें, “आप ठीक हैं?”
- 10 सेकंड तक साँस देखें। साँस नहीं, या सिर्फ़ हाँफ़ रहा है? CPR शुरू करें।
- 108 या 112 पर कॉल करें और फ़ोन speaker पर रखें, या किसी और से कॉल करवाएँ। पास में defibrillator (AED) हो तो किसी को लाने भेजें।
- पीठ के बल सख़्त सतह पर लिटाएँ। बिस्तर या सोफ़े पर हो तो फ़र्श पर ले आएँ।
- हाथ छाती के बीच में: एक हथेली का निचला हिस्सा छाती की हड्डी के निचले आधे हिस्से पर, दूसरा हाथ ऊपर, उँगलियाँ फँसाकर।
- ज़ोर से और तेज़ दबाएँ: बाँहें सीधी, कंधे हाथों के ऊपर, 5 से 6 cm गहरा, एक मिनट में 100 से 120 बार। हर दबाव के बाद छाती को पूरा ऊपर आने दें।
- रुकें नहीं। रुकावट जितनी कम हो सके। कोई और CPR दे सकता है तो हर 1 से 2 मिनट में बदलें।
स्पीड बनाए रखने का आसान तरीक़ा: किसी तेज़ गाने की ताल पर दबाएँ, लगभग हर सेकंड में दो बार। व्यक्ति की छाती के पास घुटनों के बल बैठें। 2025 guidelines कहती हैं कि दबाव तब सबसे अच्छा होता है जब व्यक्ति की छाती आपके घुटनों के लेवल के आसपास हो, इसीलिए बिस्तर से फ़र्श बेहतर है।
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Gloves ढूँढने के लिए CPR में देर न करें। Guidelines कहती हैं कि आम लोगों के लिए बचाव का सामान ज़रूरी नहीं है।
सिर्फ़ हाथों से CPR या मुँह से साँस?
अगर आपको मुँह से साँस देने की ट्रेनिंग नहीं है, या आप साँस नहीं देना चाहते, तो hands only CPR करें: बिना रुके लगातार छाती दबाएँ। American Heart Association, St John Ambulance और Indian Resuscitation Council तीनों बड़ों के लिए इसे सही मानते हैं। Indian Resuscitation Council की आम लोगों के लिए guideline, Compression Only Life Support (COLS), इसी पर आधारित है: arrest पहचानें, मदद बुलाएँ, छाती दबाएँ और व्यक्ति को अस्पताल पहुँचाएँ।
अगर आपको ट्रेनिंग है, तो 30 बार दबाएँ, फिर 2 बार साँस दें। सिर पीछे झुकाएँ, ठुड्डी ऊपर उठाएँ, नाक दबाएँ, अपना मुँह उनके मुँह पर रखकर लगभग एक सेकंड तक धीरे से फूँकें और छाती को उठते देखें। सिर्फ़ दो कोशिश करें, फिर तुरंत दबाना शुरू करें।
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यह तभी काम का है जब आपको साँस देने की ट्रेनिंग मिली हो। अगर नहीं मिली, तो सिर्फ़ छाती दबाना ही सही है, और इसे शुरू करने के लिए कुछ नहीं चाहिए।
अगर defibrillator (AED) मिल जाए
AED एक छोटी मशीन है जो दिल की धड़कन का पैटर्न चेक करती है और ज़रूरत हो तो बिजली का झटका देती है। कुछ सार्वजनिक जगहों पर यह रखी होती है। अगर कोई इसे ले आए:
- इसे चालू करें और आवाज़ में दिए निर्देश मानें। यह बताती है कि pads कहाँ चिपकाने हैं।
- जब तक pads न लग जाएँ और मशीन दिल चेक करने के लिए रुकने को न कहे, CPR जारी रखें।
- जब यह झटका दे रही हो, तो ध्यान रखें कि कोई व्यक्ति को न छुए।
- जैसे ही मशीन कहे, फिर से दबाना शुरू करें।
CPR कब रोक सकते हैं?
St John Ambulance के अनुसार तब तक जारी रखें जब तक इनमें से कुछ न हो जाए:
- Ambulance staff या कोई trained व्यक्ति संभाल ले।
- व्यक्ति में जान के निशान दिखें और वह ठीक से साँस लेने लगे।
- Defibrillator दिल चेक करने के लिए रुकने को कहे।
- आप इतने थक जाएँ कि आगे न कर सकें।
अगर वह ठीक से साँस लेने लगे, तो उसे recovery position में रखें और मदद आने तक साँस चेक करते रहें।
बच्चों और शिशु के लिए CPR: क्या अलग है
बच्चों और शिशुओं में दिल आमतौर पर साँस की किसी समस्या से रुकता है, जैसे choking या डूबना। इसीलिए guidelines कहती हैं कि बच्चों में साँस देना बड़ों से ज़्यादा ज़रूरी है। अगर आपको ट्रेनिंग नहीं है या साँस नहीं दे सकते, तो सिर्फ़ छाती दबाना भी कुछ न करने से कहीं बेहतर है।
| बच्चा (1 साल से किशोरावस्था तक) | शिशु (1 साल से कम) | |
|---|---|---|
| हाथ | छाती के बीच में एक हाथ, ज़रूरत हो तो दोनों | दोनों हाथों से छाती घेरकर दो अँगूठे, या एक हथेली का निचला हिस्सा |
| गहराई | छाती का एक तिहाई, लगभग 5 cm | छाती का एक तिहाई, लगभग 4 cm |
| स्पीड | एक मिनट में 100 से 120 | एक मिनट में 100 से 120 |
| साँस | मुँह पर, नाक दबाकर | आपका मुँह शिशु के मुँह और नाक दोनों पर |
2025 की American Heart Association guidelines ने शिशुओं के लिए पुराना दो उँगली वाला तरीक़ा हटा दिया है, क्योंकि दो अँगूठे या एक हथेली वाले तरीक़े से दबाव ज़्यादा भरोसे से गहरा जाता है। St John Ambulance सलाह देता है कि अगर आप जानते हैं तो बच्चों और शिशुओं में पहले 5 बार साँस दें। बच्चों और शिशु का CPR हाथ से practice करके सीखना सबसे अच्छा है, इसलिए माता पिता या दादा दादी के लिए एक छोटा paediatric first aid course फ़ायदेमंद है।
CPR से जुड़े आम मिथक
| मिथक | सच |
|---|---|
| “वह हाँफ़ रहा है, यानी साँस ले रहा है।” | हाँफ़ना सामान्य साँस नहीं है। CPR शुरू करें। |
| “पहले नब्ज़ देखो।” | आम लोगों को नब्ज़ चेक नहीं करनी चाहिए। जवाब और साँस देखें। |
| “मुझसे चोट लग जाएगी।” | Guidelines कहती हैं कि जो बेहोश व्यक्ति cardiac arrest में न निकले, उस पर दबाव देने से गंभीर नुक़सान नहीं देखा गया। असली ख़तरा कुछ न करना है। |
| “बिस्तर पर CPR ठीक है।” | नरम बिस्तर दबाव सोख लेता है। व्यक्ति को फ़र्श पर लाएँ। |
| “CPR सिर्फ़ डॉक्टर देते हैं।” | Guidelines कहती हैं कि cardiac arrest वाले बड़े व्यक्ति को हर आम आदमी को छाती दबानी चाहिए। |
| “ज़ोर से खाँसो, दिल चलता रहेगा।” | American Heart Association के अनुसार “cough CPR” के काम करने का कोई सबूत नहीं है। |
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First aid kit cardiac arrest में मदद नहीं करता। आपके हाथ, 108 या 112 पर कॉल और AED करते हैं।
सेव करें और भेजें: अगर कोई गिर जाए
- थपथपाएँ और आवाज़ दें। जवाब नहीं?
- 10 सेकंड तक साँस देखें। साँस नहीं या सिर्फ़ हाँफ़ना?
- 108 / 112 पर कॉल, speaker पर। AED मँगवाएँ।
- फ़र्श पर, पीठ के बल। हाथ छाती के बीच में।
- 5 से 6 cm, मिनट में 100 से 120 बार दबाएँ। छाती को ऊपर आने दें।
मदद आने या ठीक से साँस लेने तक न रुकें।
ट्रेनिंग नहीं? सिर्फ़ हाथों से CPR ठीक है। नब्ज़ चेक नहीं। पानी नहीं। बच्चे और शिशु: साँस ज़्यादा ज़रूरी। Emergency नंबर: 108 (ambulance, ज़्यादातर राज्य) · 112 (राष्ट्रीय)। Health Beats by Biswa
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यह लेख स्वास्थ्य शिक्षा है, चिकित्सा सलाह नहीं, और किसी व्यक्ति का निदान नहीं। यह लेखक के अपने विचार हैं, एक nursing और public health professional के रूप में, और किसी संस्था या नियोक्ता का प्रतिनिधित्व नहीं करते। CPR सीखने का सबसे अच्छा तरीक़ा practice manikin के साथ hands on course है।
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स्रोत
- American Heart Association: Part 7: Adult Basic Life Support. 2025 American Heart Association Guidelines for CPR and Emergency Cardiovascular Care. ahajournals.org Circulation, 2025.
- American Heart Association and American Academy of Pediatrics: Part 6: Pediatric Basic Life Support, 2025 Guidelines. ahajournals.org Circulation, 2025.
- American Heart Association: Top Things to Know: 2025 AHA Guidelines for CPR and ECC, 22 October 2025. professional.heart.org
- American Heart Association News: Why cough CPR is not the lifesaver it’s made out to be, January 2025. heart.org
- St John Ambulance: How to do CPR, clinically reviewed 18 September 2026. sja.org.uk
- St John Ambulance: Child CPR and Baby CPR, clinically reviewed 24 September 2026. sja.org.uk
- American Red Cross: CPR Steps. redcross.org
- Indian Resuscitation Council: Compression only life support (COLS) for cardiopulmonary resuscitation by layperson outside the hospital. Indian Journal of Anaesthesia, 2017. doaj.org
- Government of India: 112 India, Emergency Response Support System. 112.gov.in
- National Health Mission: ERS / Patient Transport Service (Dial 108 / 102). nhm.gov.in
