Heart Attack आने पर क्या करें: पहले कुछ मिनट की फ़र्स्ट एड
अंतिम समीक्षा: 27 अक्टूबर 2026 · 9 स्रोत (अंत में दिए गए हैं)। यह जानकारी केवल शिक्षा के लिए है। Jaan Bachayega India सीरीज़ का हिस्सा।
सीधा जवाब: अगर लगे कि किसी को heart attack आ रहा है, तो तुरंत 108 या 112 पर ambulance बुलाएँ। अगर ambulance आ सकती है, तो उन्हें अपनी गाड़ी में न ले जाएँ। उन्हें आराम से बैठाएँ, तंग कपड़े ढीले करें और उनके साथ रहें। अगर वे होश में हैं और aspirin से allergy नहीं है, तो इंतज़ार करते हुए 300 mg की एक aspirin धीरे-धीरे चबा सकते हैं। अगर वे गिर जाएँ और ठीक से साँस न ले रहे हों, तो 112 पर कॉल करें और CPR शुरू करें।
वह गलती जो कई परिवार करते हैं: “Ambulance का इंतज़ार कौन करेगा? गाड़ी में डालो।” यह जल्दी लगता है। लेकिन American College of Cardiology और American Heart Association की 2025 की heart attack guideline कहती है कि जिस व्यक्ति को heart attack का शक हो, उसे ambulance से अस्पताल ले जाना चाहिए, क्योंकि रास्ते में ही टीम जाँच, monitoring और धड़कन बिगड़ने या cardiac arrest का इलाज कर सकती है। अपनी गाड़ी में यह कोई नहीं कर सकता।
Heart attack और cardiac arrest में क्या फ़र्क़ है?
Heart attack आम तौर पर तब होता है जब ख़ून का थक्का दिल के किसी हिस्से तक पर्याप्त ख़ून पहुँचने से रोक देता है। व्यक्ति आम तौर पर होश में होता है, दर्द में होता है और साँस ले रहा होता है। Cardiac arrest तब होता है जब दिल अचानक पंप करना बंद कर देता है। व्यक्ति गिर जाता है, जवाब नहीं देता और ठीक से साँस नहीं लेता। Heart attack से cardiac arrest हो सकता है, इसीलिए पहले कुछ मिनट इतने ज़रूरी हैं। यह गाइड दोनों बताती है: व्यक्ति होश में हो तो क्या करें, और गिर जाए तो क्या करें।
Heart attack के लक्षण: कैसे पहचानें
- सीने में दर्द या बेचैनी: दबाव, जकड़न, कसाव या भारीपन।
- दर्द का फैलना: एक या दोनों हाथों, जबड़े, गर्दन, पीठ या पेट तक।
- साँस फूलना, सीने में दर्द के साथ या उसके बिना।
- पसीना, अक्सर ठंडा पसीना।
- जी मिचलाना या उल्टी, या acidity जैसा महसूस होना।
- चक्कर आना, या असामान्य थकान।
महिलाओं में लक्षण अक्सर अलग या हल्के होते हैं। American Heart Association के अनुसार इनमें साँस फूलना, जी मिचलाना, उल्टी, पेट ख़राब लगना, कंधे, पीठ या हाथ में दर्द, और असामान्य थकान या कमज़ोरी शामिल हैं। इन्हें नज़रअंदाज़ करना आसान है। कई परिवार कहते हैं “बस acidity है” और इंतज़ार करते हैं। अगर तकलीफ़ नई है, अलग है या बढ़ रही है, तो इसे heart attack मानकर मदद बुलाएँ। Heart attack नहीं है, यह डॉक्टर बता सकते हैं। घर पर कोई नहीं बता सकता।
क्या करें, स्टेप बाय स्टेप
स्टेप 1: तुरंत 108 या 112 पर कॉल करें
108 ज़्यादातर राज्यों में मुफ़्त ambulance नंबर है, और 112 राष्ट्रीय emergency नंबर है जो पूरे भारत में काम करता है। साफ़ बोलें: “मुझे लगता है इन्हें heart attack आ रहा है।” दर्द ठीक होने का इंतज़ार न करें। American Heart Association कहता है कि ambulance बुलाना लगभग हमेशा जान बचाने वाला इलाज पाने का सबसे तेज़ तरीक़ा है।
स्टेप 2: बैठाएँ और आराम कराएँ। न चलना, न सीढ़ियाँ
उन्हें आरामदायक स्थिति में बैठाएँ। NHS सलाह देता है कि ज़मीन पर बैठें, घुटने मुड़े हों और पीठ को सहारा हो, जैसे दीवार या सोफ़े से टिककर। अगर यह मुश्किल हो तो कुर्सी पर बैठना भी ठीक है। उन्हें चलने, सीढ़ियाँ चढ़ने या काम करते रहने न दें, क्योंकि हर मेहनत से दिल पर ज़्यादा ज़ोर पड़ता है। गर्दन, सीने और कमर के तंग कपड़े ढीले करें। उनके साथ रहें और उन्हें शांत रखें।
स्टेप 3: Aspirin, सिर्फ़ तब जब सुरक्षित हो
Aspirin थक्के को बढ़ने से रोकने में मदद करती है। यह उपयोगी है, लेकिन ज़रूरी नहीं, और गोली सही होनी चाहिए:
- मात्रा: 300 mg की एक aspirin, धीरे-धीरे चबाकर, पूरी निगलकर नहीं। यह NHS और St John Ambulance की सलाह है। अमेरिकी guideline 162 से 325 mg बताती है।
- न दें अगर उन्हें aspirin से allergy है, उम्र 16 साल से कम है, डॉक्टर ने aspirin लेने से मना किया है, या वे पूरी तरह होश में नहीं हैं और चबा या निगल नहीं सकते।
- कम dose वाली गोली अलग है। भारत में कई दिल के मरीज़ घर पर 75 mg की गोली रखते हैं। वह रोज़ की dose है, emergency की नहीं। अगर घर में सिर्फ़ वही है, तो ambulance के call taker या फ़ोन पर डॉक्टर से पूछें कि क्या करें।
- शक हो तो न दें। Aspirin से कहीं ज़्यादा ज़रूरी ambulance बुलाना है।
अगर डॉक्टर ने उन्हें angina की अपनी दवा दी है, जैसे जीभ के नीचे रखने वाली spray या गोली, तो उसे वैसे ही लेने में मदद करें जैसे डॉक्टर ने बताया है।
स्टेप 4: साँस पर नज़र रखें
Ambulance आने तक उनके साथ रहें। उनसे बात करते रहें और उनकी साँस देखते रहें। अगर वे जवाब देना बंद कर दें, तो सीधे अगले हिस्से पर जाएँ।
अगर वे गिर जाएँ और ठीक से साँस न लें: CPR शुरू करें
यह सबसे ज़रूरी हिस्सा है। अगर व्यक्ति जवाब नहीं दे रहा और साँस नहीं ले रहा, या सिर्फ़ हाँफ रहा है, तो यह cardiac arrest हो सकता है। हाँफना साँस लेना नहीं है। 112 पर कॉल करें, फ़ोन speaker पर रखें और तुरंत CPR शुरू करें।
- पीठ के बल सीधा लिटाएँ, सख़्त सतह पर। अगर वे बिस्तर पर हैं और सुरक्षित हो, तो उन्हें ज़मीन पर ले आएँ।
- हाथ कहाँ रखें: एक हथेली का निचला हिस्सा सीने के बीच में रखें, दूसरा हाथ उसके ऊपर रखें और उँगलियाँ आपस में फँसा लें।
- ज़ोर से और तेज़ी से दबाएँ: बाँहें सीधी रखें, लगभग 5 से 6 cm नीचे दबाएँ, सीने को वापस ऊपर आने दें, और एक मिनट में 100 से 120 बार दोहराएँ।
- मुँह से साँस देने की ट्रेनिंग नहीं है? तो बिना रुके सिर्फ़ सीना दबाते रहें। Ambulance का call taker आपको गाइड कर सकता है।
- AED (defibrillator): अगर पास में हो, जैसे mall, office, airport या station पर, तो किसी को उसे लाने भेजें और उसकी आवाज़ में दिए निर्देश मानें। अगर आप अकेले हैं, तो उसे ढूँढने के लिए व्यक्ति को छोड़कर न जाएँ।
- रुकें नहीं जब तक ambulance की टीम संभाल न ले, व्यक्ति ठीक से साँस न लेने लगे, या आप बहुत थक न जाएँ। अगर कोई और साथ है, तो बारी-बारी से करें ताकि दबाव मज़बूत बना रहे।
ये छोटे स्टेप हैं। हर स्टेप, AED के इस्तेमाल और बच्चों व शिशु के CPR के लिए CPR की पूरी गाइड पढ़ें।
मदद के लिए कॉल कैसे करें
फ़ोन speaker पर रखें ताकि आपके हाथ ख़ाली रहें। इस क्रम में बताएँ:
- आप कहाँ हैं: इलाक़ा, पास का कोई landmark, PIN code या ज़िला।
- क्या हो रहा है: “मुझे लगता है इन्हें heart attack आ रहा है” या “व्यक्ति गिर गया है और साँस नहीं ले रहा।”
- व्यक्ति की लगभग उम्र, और क्या उन्हें दिल की बीमारी, diabetes या high BP है।
- आपका फ़ोन नंबर। पहले फ़ोन न काटें। उन्हें कॉल ख़त्म करने दें।
Ambulance को रास्ता दिखाने के लिए एक व्यक्ति को मुख्य सड़क या गेट पर भेजें। गेट खोल दें और रास्ता साफ़ रखें। व्यक्ति की दवाइयाँ और पुरानी reports, जैसे ECG, देने के लिए तैयार रखें।
अगर ambulance नहीं आ सकती
Ambulance हमेशा पहली पसंद है। अगर वह सच में आप तक नहीं पहुँच सकती, तो किसी और से कहें कि व्यक्ति को सबसे पास के ऐसे अस्पताल ले जाए जहाँ emergency विभाग हो, दूर वाले मशहूर अस्पताल नहीं। जिसे सीने में दर्द है, उसे कभी ख़ुद गाड़ी नहीं चलानी चाहिए; NHS यह साफ़ कहता है। गाड़ी में उन्हें आराम से बैठाएँ और कोई उनके पास बैठकर साँस देखता रहे। अगर वे गिर जाएँ और ठीक से साँस न लें, तो गाड़ी रोकें, 112 पर कॉल करें और CPR शुरू करें। गाइड का यह हिस्सा भारतीय हालात के लिए व्यावहारिक सलाह है, किसी guideline का उद्धरण नहीं।
Viral myth: “ज़ोर से खाँसने से heart attack रुक जाता है”
WhatsApp पर एक मैसेज घूमता रहता है: अगर आप अकेले हैं और heart attack आ रहा है, तो ज़ोर-ज़ोर से बार-बार खाँसें, आप बच जाएँगे। इसे “cough CPR” कहते हैं। American Heart Association कहता है कि इसे सलाह के तौर पर अपनाने का कोई सबूत नहीं है, और Association इसका समर्थन नहीं करता। यह ambulance की जगह नहीं ले सकता। अगर आप अकेले हैं और सीने में दर्द है, तो खाँसने में समय न गँवाएँ। 108 या 112 पर कॉल करें, हो सके तो दरवाज़ा खोल दें, फिर बैठकर आराम करें।
क्या न करें
- दर्द के अपने आप जाने का इंतज़ार न करें, या इसे गैस मानकर न छोड़ें।
- अगर ambulance आ सकती है, तो अपनी गाड़ी में न ले जाएँ।
- उन्हें चलने, सीढ़ियाँ चढ़ने या गाड़ी चलाने न दें।
- जो व्यक्ति पूरी तरह होश में नहीं है, उसे खाना, पानी या मुँह से कुछ भी न दें।
- अगर allergy है, उम्र 16 से कम है, डॉक्टर ने मना किया है या निगल नहीं सकते, तो aspirin न दें।
- मदद बुलाने की जगह cough CPR या किसी घरेलू नुस्ख़े पर भरोसा न करें।
किसे ज़्यादा ख़तरा है
Heart attack उन लोगों को भी आ सकता है जो स्वस्थ दिखते थे, इसलिए परिवार में हर किसी को ये स्टेप पता होने चाहिए। NHS के अनुसार ये बातें ख़तरा बढ़ाती हैं: smoking, high BP, high cholesterol, diabetes, ज़्यादा वज़न, और किसी क़रीबी रिश्तेदार को heart attack होना। इनमें से कई को जल्दी जाँचा और ठीक किया जा सकता है। ज़्यादा जानकारी के लिए हमारी गाइड पढ़ें: दिल को स्वस्थ कैसे रखें।
🛒 अपना BP जानें: Omron HEM 7120 डिजिटल ब्लड प्रेशर मॉनिटर
ऊपरी बाँह वाला मॉनिटर, जिसकी validation study प्रकाशित है, बाँह का घेरा 22 से 32 cm।
डॉक्टर की सलाह के अनुसार घर पर BP देखने के लिए। यह नहीं बता सकता कि सीने का दर्द heart attack है या नहीं। सीने में दर्द हो तो 108 या 112 पर कॉल करें।
ज़्यादा वज़न उन ख़तरों में से एक है जिसे आप घर पर देख सकते हैं। नियमित रूप से वज़न देखने से आप और आपके डॉक्टर कुछ दिनों का नहीं, महीनों का रुझान देख पाते हैं।
🛒 वज़न पर नज़र रखें: HealthSense डिजिटल वज़न मशीन
हफ़्ते में एक बार वज़न देखने के लिए साधारण bathroom scale।
वज़न मशीन अपने आप दिल का ख़तरा कम नहीं करती। यह बस दिखाती है कि आपकी कोशिश काम कर रही है या नहीं।
Heart attack के बाद
Heart attack के बाद ज़्यादातर लोगों को लंबे समय तक दवाइयाँ दी जाती हैं, ताकि दिल सुरक्षित रहे और दोबारा heart attack की संभावना कम हो। डॉक्टर से पूछे बिना इन्हें कभी बंद न करें, न बदलें। जब गोलियाँ कई हों, तो dose छूट जाना आम है, ख़ासकर बुज़ुर्ग माता-पिता के लिए, इसलिए घर पर एक आसान व्यवस्था मदद करती है।
🛒 कोई dose न छूटे: PharmEasy 7 दिन वाला pill box
हफ़्ते के हर दिन के लिए एक खाना, ताकि एक नज़र में दिख जाए कि आज की गोलियाँ ली गईं या नहीं।
इसे ठीक वैसे ही भरें जैसा डॉक्टर ने लिखा है। डॉक्टर या pharmacist से पूछें कि कोई दवा अपनी असली strip में ही तो नहीं रखनी।
इसे अपने परिवार को भेजें
इस बॉक्स का screenshot लें और अपने परिवार के WhatsApp group में भेजें, ख़ासकर अपने माता-पिता और दादा-दादी को।
सेव करें और भेजें: heart attack का शक हो तो
- 108 / 112 पर कॉल करें। Ambulance, अपनी गाड़ी नहीं।
- बैठाएँ और आराम कराएँ। न चलना, न सीढ़ियाँ। कपड़े ढीले करें।
- Aspirin, अगर सुरक्षित हो: 300 mg की एक गोली, चबाकर। Allergy हो या उम्र 16 से कम हो तो नहीं।
- साथ रहें। साँस पर नज़र रखें।
गिर गए, साँस नहीं या सिर्फ़ हाँफ रहे हैं: 112 पर कॉल करें और CPR शुरू करें। पास में AED हो तो इस्तेमाल करें।
खाँसने से heart attack नहीं रुकता। Emergency नंबर: 108 (ambulance, ज़्यादातर राज्य) · 112 (राष्ट्रीय)। Health Beats by Biswa
खुलासा: इस पेज के product links Amazon affiliate links हैं। अगर आप इनसे ख़रीदते हैं, तो इस साइट को आपकी कोई अतिरिक्त लागत के बिना छोटा कमीशन मिल सकता है। यहाँ दी गई कोई चीज़ heart attack का इलाज नहीं करती। Ambulance बुलाना करता है।
यह लेख स्वास्थ्य शिक्षा है, चिकित्सा सलाह नहीं, और किसी व्यक्ति का निदान नहीं। यह लेखक के अपने विचार हैं, एक nursing और public health professional के रूप में, और किसी संस्था या नियोक्ता का प्रतिनिधित्व नहीं करते। सीने में दर्द या इस लेख के किसी भी लक्षण में 108 या 112 पर कॉल करें या योग्य डॉक्टर को दिखाएँ।
इससे जुड़े लेख
- कोई बेहोश (faint) हो जाए तो क्या करें: पहले एक मिनट की फ़र्स्ट एड
- दौरा (Seizure, Convulsion) पड़ने पर क्या करें: फ़र्स्ट एड
- घर पर BP कैसे चेक करें: सही तरीक़ा और भरोसेमंद मशीन
- LDL बैड कोलेस्ट्रॉल क्या है और इसे कैसे कम करें
स्रोत
- American College of Cardiology and American Heart Association: 2025 ACC/AHA/ACEP/NAEMSP/SCAI Guideline for the Management of Patients With Acute Coronary Syndromes. Circulation, 2025. ahajournals.org
- NHS (UK): Heart attack, समीक्षा 31 मार्च 2026। nhs.uk/conditions/heart-attack
- American Heart Association: Warning Signs of a Heart Attack. heart.org
- American Heart Association News: Why “cough CPR” is not the lifesaver it’s made out to be, 22 जनवरी 2025। heart.org
- St John Ambulance: Heart attack, clinical समीक्षा 28 अप्रैल 2025। sja.org.uk
- St John Ambulance: How to do CPR, clinical समीक्षा 18 सितंबर 2026। sja.org.uk
- American Red Cross: Heart attack, learn first aid। redcross.org
- भारत सरकार: 112 India, Emergency Response Support System। 112.gov.in
- National Health Mission: ERS / Patient Transport Service (Dial 108 / 102)। nhm.gov.in
